नवरात्रि का महत्व और पूजा विधि
Navratri Puja Vidhi Importance: नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे माँ दुर्गा की पूजा और आराधना के लिए मनाया जाता है। जो व्यक्ति माता के भक्त माँ अम्बा को प्रस्सन करना चाहते है वे माता की विशेष कृपा के लिए नवरात्रि उपवास जरूर करे। यह पर्व वर्ष में दो बार आता है चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि।
नौ दिनों तक चलने वाले इस त्योहार में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। जिससे भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य आत्मशुद्धि, साधना और शक्ति की उपासना करना होता है। मां अम्बे, मां जगत जननी की पूजा करना बहुत ही सरल है क्योंकि ये सरल विधि से प्रसन्न होने वाली मां हैं तो आइए जानते हैं। मां को प्रसन्न करने और उनकी पूजा करने की विधि जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।
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नौ दिनों की देवी और उनका भोग:
- पहला दिन: माँ शैलपुत्री की पूजा होती है। – घी का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करें।
- दूसरा दिन: माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। – चीनी या मिश्री का प्रसाद चढ़ाकर तपस्या का बल प्राप्त करें।
- तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। – दूध से बनी मिठाई अर्पित कर भयमुक्त जीवन की कामना करें।
- चौथा दिन: माँ कूष्मांडा की उपासना की जाती है। – मालपुए का भोग लगाकर बुद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि करें।
- पांचवां दिन: माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। – केले का भोग लगाकर संतान सुख की प्राप्ति करें।
- छठा दिन: माँ कात्यायनी की आराधना की जाती है। – शहद अर्पित कर जीवन में मधुरता बढ़ाएं।
- सातवां दिन: माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। – गुड़ का भोग लगाकर सभी कष्टों से मुक्ति पाएं।
- आठवां दिन: माँ महागौरी की उपासना की जाती है। – नारियल अर्पित कर मनोवांछित फल प्राप्त करें।
- नवां दिन: माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। – तिल का भोग लगाकर आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करें।
नवरात्रि पूजा विधि: Navratri Puja Vidhi
नवरात्रि के दौरान घर पर माँ दुर्गा की पूजा विधि का विशेष महत्व होता है। सही विधि से पूजा करने से माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
1. नवरात्रि पूजन सामग्री:
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- कलश, आम के पत्ते, नारियल
- अक्षत (चावल), फूल, लाल वस्त्र
- दीपक, धूप, अगरबत्ती
- पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, और शक्कर)
- फल, मिठाई, नारियल
- कलावा और सिंदूर
- सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज)
2. नवरात्रि कलश स्थापना विधि:
- सबसे पहले घर के पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें।
- एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालें और उसमें जौ (जवारे) बोएं।
- उस पर जल से भरा कलश रखें और आम के पत्तों से ढक दें।
- कलश के ऊपर नारियल रखें और कलावा बांधें।
- माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र को पूजा स्थल पर रखें।
3. माँ दुर्गा की पूजा विधि:
- सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र पर पुष्प और चावल चढ़ाएं।
- धूप, दीप जलाकर आरती करें।
- माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करें: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”
- पंचामृत से माँ दुर्गा का अभिषेक करें।
- माता को प्रसाद अर्पित करें और नौ दिनों तक व्रत रखें।
- रोजाना दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
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4. कन्या पूजन विधि (अष्टमी/नवमी पर):
- 9 कन्याओं और 1 बालक (भैरव) को घर बुलाएं।
- उनके चरण धोकर उनका स्वागत करें।
- उन्हें हलवा, पूरी और चने का प्रसाद दें।
- कन्याओं को वस्त्र या दक्षिणा भेंट करें।
- माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
नवरात्रि के लाभ
- यह पर्व मन और शरीर को शुद्ध करने का एक अवसर है।
- देवी दुर्गा की कृपा से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
- उपवास और भक्ति से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नवरात्रि में व्रत और उपवास के नियम
नवरात्रि में उपवास का विशेष महत्व होता है। इसे करने से शरीर और मन की शुद्धि होती है।
व्रत के दौरान क्या खाएं?
✅ फल और मेवे ✅ साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा ✅ दूध, दही, मखाने ✅ सेंधा नमक का प्रयोग करें
व्रत में क्या न खाएं?
❌ अनाज और दालें ❌ साधारण नमक ❌ प्याज और लहसुन
नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और साधना का समय होता है। सही विधि से पूजा करने से माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यदि आप नवरात्रि के व्रत और पूजा विधि का पालन करते हैं, तो यह आपको मानसिक और शारीरिक शुद्धि प्रदान करेगा।
🙏 जय माता दी! 🙏
1. नवरात्रि कितने प्रकार की होती है?
नवरात्रि मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है – चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि। इसके अलावा गुप्त नवरात्रि भी होती है।
नवरात्रि में व्रत क्यों रखा जाता है?
नवरात्रि में व्रत रखने से शरीर शुद्ध होता है और मन एकाग्र होता है। यह आत्मिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।
नवरात्रि में कौन सा रंग पहनना शुभ होता है?
नवरात्रि के हर दिन के लिए एक विशेष रंग होता है, जो माता के नौ रूपों से जुड़ा होता है।
क्या नवरात्रि में अन्न खाना वर्जित है?
हां, अधिकतर लोग नवरात्रि में अनाज नहीं खाते और केवल फलाहार करते हैं।
क्या नवरात्रि में शादी या शुभ कार्य कर सकते हैं?
नवरात्रि को शुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।